जानिए लालू परिवार के किस सदस्य को किस श्रेणी की सुरक्षा मिली है….

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बिहार मिथलांचल न्यूज़ :-थोड़ा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास से सुरक्षा कम किए जाने बाद मचे बवाल के बाद आज हम आपको बताएंगे लालू के परिवार के किस सदस्य को किस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है .डालिए एक नजर लालू के परिवार को मिले सुरक्षा श्रेणी पर………

लालू यादव को जेड श्रेणी की सुरक्षा

राजद अध्यक्ष सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बात करें तो उन्हें सरकार की ओर से जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। हालांकि अभी वो चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे हैं और दिल्ली के एम्स में भर्ती हैं। बता दें कि लालू का पूरा परिवार राबड़ी देवी को पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते अलॉट हुए 10 सर्कुलर रोड आवास पर ही रहता है। ऐसे में पूर्व सीएम होने के नाते राबड़ी आवास पर सबके हिस्से के कुल 84 जवान सुरक्षा में तैनात रहते थे, जिनमें से लालू यादव के हिस्से के बीएमपी-2 के 32 जवानों को वापस बुला लिया गया है।

राबड़ी को भी मिली है जेड प्लस सुरक्षा

लालू प्रसाद यादव की पत्नी व बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री रहीं राबड़ी देवी को भी लालू यादव की ही तरह जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। इसके कैटेगरी के तहत राबड़ी को 22 सुरक्षाकर्मी मिले हुए हैं। राबड़ी की सुरक्षा में पायलट गाड़ियां भी तैनात रहती हैं।

तेजप्रताप को मिली है वाई ग्रेड सुरक्षा

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है।उनकी सुरक्षा में कुल 11 जवान तैनात रहते हैं और इन्हें भी एक जीप और एक ड्राइवर मिला हुआ है। तेजप्रताप की सुरक्षा में दो सब इंस्पेक्टर, दो हेड कांस्टेबल, चार कांस्टेबल और दो होमगार्ड हैं। घर पर एक-चार का फोर्स चौबीस घंटे तैनात और दो बॉडीगार्ड हमेशा साथ रहते हैं।

लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को भी मिली है वाई ग्रेड सुरक्षा

वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष व बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को भी सरकार ने वाई श्रेणी की सुरक्षा दे रखी है, जिसके तहत तेजस्वी को 11 जवान मिले हुए हैं। वहीं तेजस्वी के साथ दो बॉडी गार्ड हमेशा रहते हैं।हालांकि तेजस्वी ने अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर सरकार को पत्र भी लिखा था।

इस मसले पर तेजस्‍वी ने कहा था कि विगत दस महीने से सुरक्षा श्रेणी निर्धारित करने व उसे बढ़ाने के लिए कई बार गृह विभाग को लिखा गया है लेकिन राजनीतिक विद्वेष के कारण इसमें वृद्धि करने बजाय कटौती की जा रही है।