जानिए क्या है भारत चीन के बीच जारी लदाख सीमा विवाद का पूरा सच और कहा कहा चीनी सेना पीछे गई

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भारत और चीन के बीच लद्दाख सेक्टर मे महीने भर से तनाव चल रहा है अब वहां तो तनाव कम हुआ इस मसले को लेकर सियासत में तनाव बढ़ गया पहले सीमा पर क्या हो रहा है यह जानते हैं 6 जून को भारत और चीन की सेना के बीच कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी इसका असर दिखा 9 जून सरकारी सूत्रों के हवाले से खबरें आई कि भारत और चीन के बीच तनाव कम हुआ है और सेना पीछे भी हट गए।

सेना कहां-कहां पीछे हटी जानने से पहले यह समझ लीजिए झगड़ा कहां कहां था ६ जून वाली बैठक में LAC के एलएसी के वेस्टर्न सेक्टर में यानी लद्दाख वाली सीमा पर झगड़े की पांच जगह तय हुई थी। गलवान मे तीन जगह तय हुआ था। गलवान के कुछ हिस्सों में और हॉट स्प्रिंग इलाके में सेना की तैनाती कम हुई है चीनी सेना ने अपने कुछ टेंट भी हटा लिए हैं और सैन्य वाहनों को भी पीछे किया गया है घाटी में कहीं-कहीं तो चीनी सेना २ से 3 किलोमीटर पीछे चली गई है। लेकिन इसको लेकर कोई आधिकारिक जानकारी ना तो भारत की तरफ से और ना ही चीन की तरफ से आई है।

लेकिन झगड़ा भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है ज्यादा झगड़ा है पेंगों झील को लेकर पेंगों झील पश्चिम से पूर्व की तरफ करीब 135 किलोमीटर लंबी है इसकी उत्तरी किनारे की तरफ LAC रिज या पहाड़ियों चोटी के हिसाब से चयनित है। रिज या पहाड़ियों को फिंगर कहा जाता है। पश्चिम से पूर्व की तरफ फिंगर 1 से लेकर फिंगर 8 तक भारत के हिसाब से असली LAC यही से होकर गुजरती है और चीन का इलाका वही तक है।

लेकिन भारत भी पेट्रोलिंग सिर्फ फिंगर ४ तक ही करता है 5 मई को चीन की सेना फिंगर ४ तक पहुंच गई यानी 8 किलोमीटर अंदर फिंगर 8 से लेकर फिंगर 4 तक भारत के इलाके में आ गई। झगड़ा इसी बात का है भारत की मांग है कि यथास्थिति बहाल की जाए यानी चीनी सेना वापस लौटे और फिंगर 8 से आगे का इलाका खाली करें।

इसके अलावा गलवान घाटी में भी कुछ जगहों पर झगड़ा है गलवान घाटी में गलवान और शोक नदी के संगम से होकर भारत की सड़क गुजरती है इस सड़क का नाम है डीएस बी डी रोड इस सरक को लेकर भी चीन की आपत्ति है। खबर यह है कि भारत ने चीन को साफ कर दिया है कि दौलत बेग ओल्डी तक जो सड़क तैयार हुई है उसका काम बंद नहीं करेगा। क्योंकि भारत के इलाके में ही पड़ती है। अब जो झगड़े की जगह है उसको लेकर दोनों सेनाओं के बीच अगले 10 दिन तक बैठक होगी यह बैठक करनाल ब्रिगेडियर और मेजर के स्तर की होगी।

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