शिक्षा-स्वास्थ्य GST से बाहर, फिर भी महंगी हुई पढ़ाई और इलाज?

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क्या जीएसटी पर कांग्रेस खलनायक बन गई है. देश एक गंभीर दौर से गुजर रहा है. एक टैक्स प्रणाली को बदल कर नई टैक्स प्रणाली को लागू किया जा रहा है. पुरानी प्रणाली की तरह नई प्रणाली का मकसद भी सिर्फ टैक्स वसूलने का है. ऐसे में केन्द्र सरकार इसे आजादी के जश्न की तरह क्यों मना रही है? यह सवाल कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने GST मिडनाइट कॉन्क्लेव के मंच पर मोदी सरकार से पूछा ह.

वहीं मोदी सरकार ने दावा किया है कि जीएसटी से नये भारत का उदय होगा. केन्द्र सरकार ने ट्वीटर का सहारा लेते हुए बताया है कि उसे उम्मीद है कि जीएसटी से आने वाले दिनों में देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा. सरकार ने दावा किया है कि जीएसटी से ये बदलाव देखने को मिलेंगे. #GSTforNewIndia

क्यों जरूरी था GST?

मोदी सरकार ने साफ किया है कि उसने क्यों तुरंत जीएसटी को लागू करने का फैसला लिया है. सरकार के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद 5 अहम

1. पूरे देश को एकीकृत बाजार बनाने के लिए (कॉमन नेशनल मार्केट).

2. VAT  की खामियों को दूर करने के लिए GST हुआ लागू, आसान और डिजिटल होगा कारोबारी टैक्स देना.

3. जीएसटी से पूरे देश में एक समान टैक्स दर व्यवस्था लागू हो जाएगी.

4. जीएसटी से देश में उत्पाद और सेवाओं पर कर कम होंगे जिससे सस्ती दरों पर बाजार में सामान को बेचा जा सकेगा.

5. देश में टैक्स ढ़ांचे का विस्तार कर सरकार की कमाई में इजाफा करना और टैक्स चोरी रोकने के लिए कारोबार का डिजिटल आंकड़ा एकत्र करना.

केन्द्र सरकार के मुताबिक जीएसटी से होने वाले इन बदलावों से नए भारत का उदय होगा. प्रधानमंत्री मोदी पहले भी न्यू इंडिया की बात कह चुके हैं. वहीं मनीष तिवारी ने सवाल उठाया है कि सरकार जीएसटी के बाद कारोबार में होने वाले बदलाव के चलते एकत्र होने वाले नए आंकड़ों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है?

शिक्षा-स्वास्थ्य GST से बाहर

केन्द्र सरकार ने आम आदमी के लिए इन दो अहम सेवाओं को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा है. इन दोनों सेवाओं पर सरकार टैक्स नहीं लेगी. लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि जीएसटी लागू होने के बाद देश में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं महंगी नहीं होंगी.