…और आखिरी 7 ओवर में ऐसे पलट गया पूरा मैच और दूसरी बार टूटा मिताली का सपना

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आईसीसी महिला वर्ल्ड कप के फाइनल में भारतीय टीम ने सभी का दिल जीत लिया, मगर आखिरी सात ओवरों में थोड़ा संयम उन्हें शिखर तक पहुंचा देता. अफसोस कि ऐसा नहीं हुआ. शुरूआत में भारतीय टीम ने जितनी शानदार बैटिंग की, उतनी ही तेजी से पूरी टीम डैथ ओवर्स में घुटने टेक गई.

पहला विकेट जल्दी आउट होने के बाद पूनम राउत और कप्तान मिताली राज ने अच्छी साझेदारी बनाई. मिताली रन आउट हुईं तो हरमनप्रीत कौर ने एक बार शानदार खेल दिखाया और अर्धशतक जड़ा. इस तरह भारतीय टीम 34वें ओवर में कौर का विकेट का गिरने तक 138 रन बोर्ड पर लगाने में कामयाब रही. भारतीय टीम का चौथा विकेट 191 रन के स्कोर पर गिरा. जब बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहीं पूनम राउत 86 रन बनाकर LBW हो गईं. पूनम राउत को अन्या श्रब्सोल ने 43वें ओवर की 5वीं गेंद पर आउट किया. इसके बाद जैसे टीम इंडिया की हार की तरफ बढ़ने लगी.

भारतीय पारी के आखिरी सात ओवर बचे थे, टीम को जीत के लिए महज 38 रनों की दरकार थी. हर चेहरे पर सुकून था, मुस्कान थी और मैदान में जश्न की तैयारियों की झलक नजर आने लगीं थीं. मगर अगले ही ओवर में सुषमा वर्मा ने उम्मीदों को झटका दे दिया. वो बिना खाते खोले पवेलियन लौट गईं. सुषमा के बाद दूसरे छोर पर धाकड़ बैटिंग कर रहीं वेदा कृष्णामूर्ति को देखकर लग रहा था कि वो अकेले ही मैच जिता देंगी. मगर एक बार फिर भारतीय डगआउट को झटका लगा और 45वें ओवर में वेदा आउट हो गईं, इस वक्त टीम को स्कोर 6 विकेट के नुकसान पर 200 हो गया.

भारतीय टीम 44 साल के सूखे को खत्म करेगी, अब भी इस बात का हर फैन और एक्सपर्ट को भरोसा था. मगर क्रीज पर आते ही भारतीय टीम की सबसे अनुभवी प्लेयर झूलन गोस्वामी भी दो गेंद बाद ही चलती बनीं. अब भारतीय समर्थकों में खामोशी पसर गई. कप्तान मिताली राज एकदम शांतचित अंदाज में बैठी ये उथल-पुथल देखती रहीं. मगर दूसरे छोर पर कॉन्फीडेंस के साथ बैटिंग कर रहीं दीप्ति शर्मा पर अब भी हर किसी को खिताब जिताने का भरोसा था. दीप्ति ने पारी को थोड़ा संभाला भी, मगर शिखा पांडे 4 रन बनाकर रन आउट हो गईं और भारत ने 218 के स्कोर पर 8 विकेट गंवा दिए.

दीप्ति शर्मा भी प्रेशर नहीं झेल पाईं और 49वें ओवर की पहली गेंद पर श्रब्सोल ने उन्हें कैच आउट करा दिया. इस तरह भारत ने 218 के स्कोर पर एक और विकेट खो दिया. एक और रन बनाने के बाद इंग्लैंड टीम ने भारतीय टीम के सपने को चकनाचूर कर दिया और उसने 9 रनों से जीत दर्ज चौथी बार वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया.