क्यों मिले भारत और चीनी सेना के बड़े सैन्य अफसर????

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चीन के वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक डील के बाद भारत और चीन बिगड़े रिश्ते तेजी से सुधर रहे हैं। ताजा खबर के अनुसार डोकलाम को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच भारतीय सेना का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को चीनी सेना से मिला।

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के 91वें स्थापना दिवस समारोह में भारतीय सेना के अधिकारी सिक्किम के नाथु ला में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। सेना के अनुसार PLA के सैनिकों ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल से बात की और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सद्भावना के तौर पर भारतीय पक्ष ने भी इस अवसर पर पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।



इस दौरान चीनी सैनिकों ने भारतीय सैन्यदल का गर्मजोशी से स्वागत किया। उत्सव के माहौल में दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई और दोनों ने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया। रक्षा मंत्रलय के अनुसार दोनों देशों की सेनाओं के बीच इस तरह की मुलाकात और बातचीत से सीमा पर शांति बहाली के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

साथ ही पारस्परिक समझ को बढ़ावा मिलेगा। बात दें भारत और चीन ने आपसी समझौते से सीमा पर चार स्थलों की पहचान की है जहां किसी तरह के गतिरोध को दूर करने के लिए दोनों देश की सेनाएं मिल सकती हैं। वो चार स्थल हैं- लद्दाख का चुशुल, सिक्किम का नाथू ला, अरुणाचल का बुम ला दर्रा और उत्तराखंड का लिपुलेख दर्रा। इसी समझौते के तहत भारत और चीन की सेना के बीच नाथु ला में मुलाकात हुई।

source :- bharak tak (youtube.com)